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eksacchai


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व्यंग – लाइफ बोले तो झींगा लाला (कसाब)

Posted On: 14 Oct, 2011  
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Others मस्ती मालगाड़ी में

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Posted On: 13 Jul, 2011  
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” क्या बेवकूफ समजते है जनता को ? “

Posted On: 27 Jun, 2011  
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Others पॉलिटिकल एक्सप्रेस में

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Hello world!

Posted On: 20 Jun, 2011  
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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

कोई बात नहीं मगर ..सच कहू तो आपसे चर्चा कर के मजा आया ..साफ़ साफ़ बोलने वाले मुझे बहुत ही अच्छे लगते है ..क्यों की उनसे ही कुछ सिखने को मिलता है ..सुक्रिया दोस्त ..ऐसे ही स्नेह बनाये रखना और ये जो आपकी आज की टिप्पन्नी है उस पर जल्द ही एक पोस्ट लेकर भी आऊंगा अगर आपको ऐतराज न हो तो ..क्यों की आप के इन सब्दों ने मेरा दिल जीत लिया है ..जो सच्चाई से भरे है ..ये रहे आपके सब्द : अगर टेक्स नही भरा हो तो उसे बिन हिसाबी धन पेहले से ही कहा जाता है, ये मेरे श्ब्द नही है । विदेशो में पडा धन भाई मिक्स धन है । टेक्स की चोरी, सीधी चोरी, आडी चोरी, टेढी चोरी, मतकब सब तराह की चोरी । ये चोरी का माल है, किसीका सफेद धन चोर लेजाये तो काला नही हो जाता । बहुत ही गहेरी भरी बात कही है आपने .. आपको ऐतराज न हो तो मै इस पर लिखू

के द्वारा: eksacchai eksacchai

भाई अगर टेक्स नही भरा हो तो उसे बिन हिसाबी धन पेहले से ही कहा जाता है, ये मेरे श्ब्द नही है । विदेशो में पडा धन भाई मिक्स धन है । टेक्स की चोरी, सीधी चोरी, आडी चोरी, टेढी चोरी, मतकब सब तराह की चोरी । ये चोरी का माल है, किसीका सफेद धन चोर लेजाये तो काला नही हो जाता । सिर्फ स्थान बदला है । धनको यथा-स्थान करवाना पोलिस का काम है । ये काम हमारे यहा के हवालदार अच्छी तरह से जानते है । दो डंडे पडते ही धन वापस आ जाता है । ईन्कमटेक्सवालो को ईससे दूर ही रेहना चाहिये । ये नही की सरकारी दलाली काटके बाकी का धन चोर के पास रेहने दिया जाये, सफेद बना के । ये पोलीस का केस है, उसे सारा का सारा रिकवर करना है । काला-गोरा का यहा सवाही नही उठता । ये चुराया हुआ धन है, हर हालत मे पोलिस ने उसे वापस लाना है । भ्रष्ट सरकार की तो मन्शा थी की अपने लोगो का धन वापस लाके ईन्कमटेक्स द्वारा सफेद करवा ले । अगर ऐसा होता है तो ए.टी.एम. उखाडने वाले चोर भी बोलेन्गे की साहब ईस मशीन मे से ईतने लाख निकले है अपना टेक्स काटलो बाकी का सफेद धन हमे वापस करदो ।

के द्वारा: bharodiya bharodiya

भारोडिया सर ... यहाँ लक्ष्मी याने देवी लक्ष्मी जी की बात नहीं हो रही है ..यहाँ बात हो रही है उन काले धन की जो विदेशोया में सड रहा है ... मै भी मानता हु की लक्ष्मी जी कभी काली हो ही नहीं सकती मै ही नहीं बल्कि पूरा हिंदुस्तान भी मानेगा ये बात .. मगर अगर सब यही कहेंगे तो फिर विदेशो में पड़े धन को क्या कहेंगे आप ? सफ़ेद ... या फिर कला धन ...यहाँ बात देश के हित की हो रही है ...ये जरूरी है की कला धन देश में वापस आये ..भाई लक्ष्मी जी हम सब के लिए और सबके दिल में विराजमान है ये सत्य है ..और हमारी माता है लक्ष्मी इ ...ये भी तो सत्य है आपको ये बात भी बता दू की जब महालक्ष्मी जी को ऑस्ट्रलियन फेशन शो में गलत दिखाया गया था तो सबसे पहले मैंने ही अपने ब्लॉग में और फब पर उस लीसा के खिलाफ लिखा था और आखिर कर लीसा ने माफ़ी मांगी थी ...ये सब मैंने क्यों किया पता है ... क्यों की मै लक्ष्मी जी का अपमान होते नहीं देख सकता ...क्यों की वो माँ है आप दिल पे मत लेना दोस्त ...यहाँ काले धन की याने विदेशो में पड़े पैसो की बात हो रही है ...माता लक्ष्मी जी की नहीं

के द्वारा: eksacchai eksacchai

के द्वारा: eksacchai eksacchai

बेवकुफ तो बेवकोफो को ही कहा जाता है ना ? ईस ब्लोग के बहर भी दुनिया है । जहा करोडो लोग है जो अनपढ है । उसे बडी आसानीसे बेवकुफ बनाया जा सकता है । वो बेवकुफ नही तो क्या है ? करोडो लोग है जो कुछ पढे लिखे तो है लेकिन गरीब है । गरीबी उनकी मजबूरी है । मजबूर आदमी को बहुत सस्ते मे खरीदा जा सकता है । ऐसा आदमी अपने आपको बेच दे , खरीदने वाले की मन्शा क्या है वो समजने की कोशीश ही ना करे तो वो बेवकुफ नही तो क्या है ? कुछ ऐसे लोग भी है जो अपने आप को शाणे समजते है । दूसरे को बेवकुफ बना कर भ्रष्टाचार करते है । भ्रष्टाचार कर के देश की घोर खोदते है । अपने ही देश की जडे काटनेवाला तो सबसे बडा बेफकुफ है । काला धन मै किसीको नही कहुन्गा । धन को काला कहना लक्ष्मी देवी का अपमान है । दुनिया भर की सरकारोने टेक्ष की लालच से लक्ष्मीजी को अकाउन्ट बूक मे कैद कर लिया है । जो कैद मे है उसे गोरा कहा जो कैद मे नही है उसे काला कहा । जब मन्दिर की बात होती हो तो मन्दिर मे रही लक्ष्मी को काला कहना लक्ष्मी का अपमान तो है ही साथ मे मन्दिर और धर्म का भी अपमान है , धर्म से जुडी प्रजा का अपमान है । देश का सन्विधान कहता है सरकार किसी धर्म के मामले मे टान्ग नही लडायेगी । अगर सरकारमे रहे भ्रष्ट तत्व ईर्षा से जलकर या लालचमे आ कर मन्दिर मे रही लक्ष्मी देवी को काला कह कर, वहा से निकलकर , डोलर देवी या फ्रान्क देवी बनाकर विदेश मे रहे अपने अकाउन्ट मे ट्रन्सफर करना चाहे तो सन्विधान का भी अपमान है ।

के द्वारा: bharodiya bharodiya




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